आशूरा की फज़ीलत, नया वर्ष और आत्म-निरीक्षण

लेखक : रिसर्च डिवीज़न दारुल-क़ासिम

अनुवाद: अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह

स्रोत:

इस्लामी आमन्त्रण एंव निर्देश कार्यालय रब्वा, रियाज़, सऊदी अरब

विवरण

इस लेख में मुहर्रम के महीने और विशिष्ट रूप से उसकी दसवीं तारीख (आशूरा के दिन) की फज़ीलत, महत्व और उस दिन रोज़ा रखने के अज्र व सवाब और प्रतिफल का उल्लेख किया गया है। साथ ही साथ आत्म-निरीक्षण (नफ्स के मुहासबा) के महत्व को स्पष्ट किया गया है, विशेषकर नये वर्ष के प्रारम्भ पर।

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