विवरण

बहुत से मुसलमान जानते हुए या अनजाने में गैर-मुस्लिमों के अनेक त्योहारों और धार्मिक पर्वों में भाग लेते हैं, जिनमें से एक नए साल का जश्ना मनाना भी है। इस अवसर पर वे एक दूसरे को नए वर्ष की बधाई देते हैं, बधाई कार्ड तथा उपहार भेंट करते हैं। प्रस्तुत लेख में इस्लामी दृष्टिकोण से इसका प्रावधान उल्लेख किया गया है और मुसलमान को इस तरह के अवसरों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।

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