• इसमें कोई संदेह नहीं कि यह दुनिया नश्वर है, और परलोक का जीवन ही सदैव बाक़ी रहने वाला और मनुष्य का स्थायी घर है। यह सांसारिक जीवन मात्र एक परीक्षा और परलोक की तैयारी और उसकी खेती है। तथा लोक और परलोक की सफलता और सौभाग्य प्राप्त करने का एकमात्र रास्ता वह सीधा मार्ग है जिसे हमारे संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लेकर आए हैं। अतः जो व्यक्ति इस पर चलेगा वह सफल होगा और जो उससे उपेक्षा करेगा वह घाटे में रहेगा। इस पुस्तिका में उसी रास्ते का निर्देशन किया गया है।

  • इस्लाम के पैगंबर - एक आदर्श चरित्र इस पुस्तिका में इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के (अपने सर्वशक्तिमान पालनहार और लोगों के साथ) व्यवहार के कुछ नमूने प्रस्तुत किए गए हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि आपका जीवन मानव चरित्र का आदर्श नमूना था। तथा इन घटनाओं से व्यावहारिक रूप से हमें यह सबक़ मिलता है कि मनुष्य अल्लाह का बंदा है, और उसे हर हाल में अल्लाह का बंदा बनकर रहना चाहिए। उसके दिल में अल्लाह का अैर उसकी आखिरत का तूफान बरपा रहे, दुनिया की सारी चीज़ उसे अल्लाह की याद दिलाए, दुनिया में कोई भी मामला करते समय कभी यह न भूले कि सभी चीज़ों का अंजाम अल्लाह के हाथ में है, नरक का डर उसे इनसानों के प्रति विनम्र बना दे और स्वर्ग का शौक़ उसकी निगाह में दुनिया को अर्थहीन कर दे - यह है मानव चरित्र का वह नमूना जो अल्लाह के पैगंबर ने अपने कर्म से हमें बताया है।

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