विवरण

अल्लाह सर्वशक्तिमान और उसकी महानता व महिमा से अनभिज्ञ कुछ अवा के यहाँ अल्लाह को गाली देना, बुरा भला कहना और उसे ऐसे शब्दों और गुणों से नामित करना मशहूर हो चुका है जिनका चर्चा करना या उन्हें सुनना एक मुसलमान के लिए बहुत दुलर्भ होता है। और कभी तो इसे ऐसे लोग कहते हैं जो अपने आपको मुसलमान समझते हैं, इसलिए कि वे शहादतैन यानी ला इलाहा इल्लल्लाह और मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह का इक़रार करते हैं। कभी तो कुछ नमाज़ियों से भी ऐसा हो जाता है, और शैतान उनकी ज़ुबानों पर इसे जारी कर देता है। और उनमें से कुछ को शैतान यह पट्टी पढ़ाया है कि वे उसके अर्थ को मुराद नहीं लते हैं, और न ही उससे अपने पैदा करनेवाले का अवमान करना चाहते हैं, तथा उन्हें यह समझाया है कि यह बेकार (तुच्छ) बातों में से है जिस पर ध्यान नहीं दिया जाता! इसी कारण उन्हों ने इसमें लापरवाही से काम लिया है! इस पत्रिका में इस मामले की गंभीरता को बयान किया गया है।

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