इस्लाम में प्रवेष करना आसान है

विवरण

मेरे पिता अफ्रीक़ी असल से एक अमेरिकी हैं और मेरी श्वेत में से है, मैं ने इस धर्म के बारे में गहन खोज किया है, मेरी आयु 16 वर्ष है, मैं वास्तव में एक मुसलमान बनना चाहता हूँ, मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या वाक़ई मैं मुसलमान बन सकता हूँ ?

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विस्तृत विवरण

    इस्लाम में प्रवेष करना आसान है

    سهولة الدّخول في دين الإسلام

    ] fgUnh - Hindi -[ هندي

    मुहम्मद सालेह अल-मुनज्जिद

    محمد صالح المنجد

    अनुवाद : साइट इस्लाम प्रश्न और उत्तर

    समायोजन : साइट इस्लाम हाउस

    ترجمة: موقع الإسلام سؤال وجواب
    تنسيق: موقع islamhouse

    2012 - 1433

    इस्लाम में प्रवेष करना आसान है

    मेरे पिता अफ्रीक़ी असल से एक अमेरिकी हैं और मेरी श्वेत में से है, मैं ने इस धर्म के बारे में गहन खोज किया है, मेरी आयु 16 वर्ष है, मैं वास्तव में एक मुसलमान बनना चाहता हूँ, मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या वाक़ई मैं मुसलमान बन सकता हूँ ?

    हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान अल्लाह के लिए है।

    इस्लाम धर्म की सुन्दरता और उस की अच्छाईयों में से यह तथ्य है कि इस में एक व्यक्ति और उस के परमेश्वर के बीच संबंध में कोई मध्यस्थ नहीं है। तथा इस धर्म की सुन्दरता और अच्छाईयों में से यह भी है कि इस में प्रवेष करने के लिए किसी व्यक्ति के सामने किसी कार्रवाई या प्रक्रिया की ज़रूरत नहीं होती है और न ही कुछ विशिष्ट लोगों की सहमति की आवश्यकता होती है, बल्कि इस्लाम में प्रवेश करना बहुत आसान है और किसी भी इंसान के लिए ऐसा करना सम्भव है चाहे वह किसी जंगल (मरूस्थल) या बन्द कमरे में अकेला ही क्यों न हो। इस के लिए पूरी प्रक्रिया मात्र दो सुन्दर वाक्य का कहना है जो दोनों इस्लाम के सम्पूर्ण अर्थ को शामिल हैं, इंसान के अपने पालनहार की दासता और बन्दगी के इक़रार, उस के सामने अपने आप को समर्पित करने और इस बात को स्वीकारने पर आधारित हैं कि वही (अल्लाह) उस का पूज्य, उस का स्वामी, और उस के बारे में जो चाहे फैसला करने वाला है, और यह कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के बन्दे (उपासक, दास) और पैगंबर हैं जिन की उन चीज़ों में पैरवी करना अनिवार्य है जिस की उन के परमेश्वर ने उनकी तरफ प्रकाशना की है, और आप का आज्ञा पालन सर्वशक्तिमान अल्लाह के आज्ञापालन में दाखिल है। जिस व्यक्ति ने इन दोनों शहादतों (अर्थात "ला इलाहा इल्लल्लाह" की शहादत और "मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह" की शहादत) को उन पर यक़ीन और विश्वास रखते हुये अपनी ज़ुबान से अदा कर दिया तो वह मुसलमान और मुसलमानों के अफ्राद में से एक फर्द हो गया, उस के लिए वे सभी अधिकार हैं जो मुसलमानों के लिए हैं, और उस के ऊपर वे सभी कर्तव्य अनिवार्य हैं जो अन्य मुसलमानों पर हैं।

    इस के तुरन्त बाद वह उन धार्मिक कर्तव्यों का पालन शुरू कर दे जिन्हें अल्लाह तआला ने उस के ऊपर अनिवार्य कर दिया है जैसे कि पाँच दैनिक नमाज़ें उन के ठीक समय पदर अदा करना, रमज़ान के महीने में रोज़े रखना और इन के अलावा अन्य कर्तव्यों का पालन करना। इस से, ऐ बुद्धिमान प्रश्नकर्ता! आप के लिए स्पष्ट हो जाता है कि आप तुरन्त मुसलमान हो सकती हैं, अत: आप उठें और स्नान करें, फिर यह वाक्य कहें : "अश्हदो अन् ला इलाहा इल्लल्लाह व अश्हदो अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुह" (मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं और मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद उस के दास (उपासक) और सन्देष्टा हैं।)

    तथा अधिक जानकारी के लिए इसी पृष्ठ पर (इस्लाम में प्रवेश करें) नामी सेक्शन देखें।

    अल्लाह तआला आप को हर भलाई की तौफीक़ दे, आप के क़दम को शुद्ध मार्ग पर क़ायम रखे और आप को लोक और परलोक में कल्याण और सौभाग्य प्रदान करे, तथा सहीह मार्गदर्शन का पालन करने वाले पर शान्ति अवतरित हो।

    इस्लाम प्रश्न और उत्तर