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मैं जिस विश्वविद्यालय में पढ़ता हूँ उसमें मुसलमानों की असंख्या अधिक नहीं है। यहाँ तक कि जो मुसलमान वहाँ मौजूद हैं उनके पास दीन का अधिक ज्ञान नहीं है। विश्वविद्यालय में मेरे अधिकांश ग़ैर मुस्लिम मित्र मुझसे इस्लाम के बारे में प्रश्न करते रहते हैं, और यह आमतौर पर हमारे बीच लोगों से हटकर एकांत में होता है, तो क्या उन्हें इस्लाम से संतुष्ट करने के उद्देश्य से ऐसा करना जाइज़ है ?

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