वैज्ञानिक श्रेणियाँ

معلومات المواد باللغة العربية

इन्हों ने इस्लाम क्यों स्वीकार किया?

यह पृष्ठ 30 से अधिक वैश्विक भाषाओं मैं कुछ नए मुसलमानों की कहानियों पर आधारित है। यह उस प्रश्न का उत्तर है, जो बहुत से लोगों के दिमाग में उठता रहता है कि इन्हों ने इस्लाम क्यों स्वीकार किया? हमने पाया कि इसका सबसे अच्छा जवाब वही लोग दे सकते हैं जिन्हें अल्लाह ने इच्छापूर्वक और संतुष्टि के साथ मार्गदर्शन और इस्लाम प्रवेश करने के सौभाग्य से सम्मानित किया है।

आइटम्स की संख्या: 7

  • हिन्दी

    PDF

    प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे लोगों की कहानी उन्हीं की ज़ुबानी उल्लेख की गई है जिन्हों ने इस्लाम का गहन अध्ययन किया, उसे समझा और सोच-विचार कर उसे दिल की गहराईयों से स्वीकार किया जबकि वे वैज्ञानिक, चिकित्सक और बुद्धिमान लोग थे। इस पुस्तक का उद्देश्य केवल संसार वालों को यह बताना है कि आपके इन मित्रों के इस्लाम स्वीकारने का कारण क्या है तथा वे परलोक में क्या चाहते हैं तथा साथ ही साथ सारे लोगों को निमंत्रण देना है कि हरेक इस बात पर विचार करे कि हमारा तथा संसार की सभी चीज़ों का सृष्टा, रचयिता, पालनहार और स्वामी कौन है क्या वही सर्वशक्तिमान एकमात्र वास्तविक पूज्य नहीं है क्या उसके अतिरिक्त कोई और पूज्य हो सकता है

  • हिन्दी

    PDF

    यह पुस्तक इस्लाम धर्म का परिचय प्रस्तुत करती है जिस पर अल्लाह ने धर्मों का अंत कर दिया है और उसे अपने समस्त बंदों के लिए पसंद कर लिया है तथा इस धर्म में प्रवेश करने का आदेश दिया है। अतः यह मानवजाति की उत्पत्ति की कहानी, संदेष्टाओं व ईश्दूतों के अवतरण, अंतिम संदेष्टा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के ईश्दूतत्व, आपकी संछिप्त जीवनी, आचरण व व्यवहा, तथा आपके ईश्दूतत्व की सत्यता पर अंग्रेज़ दार्शनिक थामस कार-लायल की गवाही के वर्णन पर आधारित है। इसी तरह इसमें इस्लाम की विशेषताओं एवं गुणों, इस्लाम के स्तंभों, ईमान अथवा इस्लामी आस्था के मूलसिद्धांतों, इस्लाम में उपासना के आशय तथा नारी सम्मान और उसके स्थान का उल्लेख किया गया है। इसके अध्ययन से आपके लिए इस धर्म की महानता, उसकी शिक्षाओं की सत्यता व सत्यापन और प्रति युग, स्थान, जाति और राष्ट्र के लिए उसकी योग्यता स्पष्ट होजायेगी।

  • हिन्दी

    PDF

    मैल्कम एक्सः «मैल्कम एक्स» या «मालिक शाबाज़» एक प्रसिद्ध अमेरिकी इस्लामी धर्म उपदेशक हैं, जिन्हों ने अमेरिका में इस्लामी आंदोलन के आचरण को सही किया जो बुरी तरह सत्यमार्ग से भटक गया था। उन्हों ने शुद्ध अक़ीदा के लिए आमंत्रित किया और उस पर धैर्यपूर्वक सुदृढ़ रहे यहाँ तक कि उसका आमंत्रण देते और सत्य की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। प्रस्तुत पुस्तिका में उनकी जीवनी प्रस्तुत की गई है।

  • हिन्दी

    PDF

    इस किताब में दुनियाभर के ग्यारह ईसाई पादरियों और धर्मप्रचारकों की दास्तानें हैं जिन्होंने इस्लाम अपनाया। गौर करने वाली बात यह है कि ईसाईयत में गहरी पकड़ रखने वाले ये ईसाई धर्मगुरू आखिर इस्लाम अपनाकर मुसलमान क्यों बन गए ? आज जहाँ इस्लाम को लेकर दुनियाभर में गलतफ़हमियां हैं और फैलाई जा रही हैं, ऐसे में यह किताब मैसेज देती है कि इस्लाम वैसा नहीं है जैसा उसका दुष्प्रचार किया जा रहा है।

  • हिन्दी

    PDF

    प्रस्तुत पुस्तक एक संग्रह है 80 ऐसी औरतों की कहानियों का जो अधिकांश यूरोप और अमेरिका से संबंध रखती हैं। इन सौभाग्यशाली महिलाओं को वास्तव में सच्चाई की तलाश थी और उन्हों ने गहन अध्ययन, सोच-विचार और संतुष्टि के बाद इस्लाम ग्रहण किया। इस्लाम स्वीकारने के बाद आज़माइशों और संकटों ने इनका रास्ता रोकने की कोशिश की, मगर ये साहसी महिलायें पहाड़ के समान अपने फैसले पर जमी रहीं। यह किताब सत्य के खोजियों के लिये मील का पत्थर सिद्ध होगी।

  • हिन्दी
  • हिन्दी

    MP4

    यह एक हिंदू आचार्य के इस्लाम स्वीकारने की कहानी है जिसमें उन्हों ने अपने इस्लाम स्वीकारने के कारण का संक्षेप में वर्णन किया है।